SHIV PRASAD,
THE MAN OF SANATAN TIRATH
SHIV PRASAD,
THE MAN
OF
SANATAN TIRATH
जी हां, यह उपरोक्त उपाधि एक ऐसे शख्स को देते हुए
दिव्य संस्कृत संस्थान की नॉर्थ ईस्ट लवर टीम गर्व महसूस करती है।
वर्तमान में भी इतने बड़े व्यक्तित्व वाले व्यक्ति अपने देश में उपलब्ध है जो अन्य के लिए प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करते हैं।
यहां चर्चा हो रही है एक ऐसे साधारण से दिखने वाले साधारण व्यक्ति की जो दिल्ली सरकार में अधिकारी। पद से सेवानिवृत होने के बाद जिन्होंने सनातन तीर्थ में केवल स्वयं करने का ही नहीं अपितु सब में प्रेरणा भरकर अपने साथ लेकर जाने के नए उपक्रम प्रारंभ किये। ।
जहां अन्य लोग रिटायरमेंट के बाद आराम और फुर्सत भरी लाइफ करते हुए दिखते हैं वहां कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो आगे बढ़कर कुछ नया करके दिखाते हैं जिससे स्वयं, समाज ,देश और विश्व सभी के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
शिवप्रसाद जी ऐसे ही महान व्यक्तित्व के धनी है जिन्होंने रिक्वायरमेंट सेवानिवृत्ति के बाद सनातन तीर्थ को अनेकों को अनोखे रूप में यात्रा करने के उपक्रम विकसित करने का पुण्य कार्य किया है।
अपने राम वन गमन यात्रा पैदल करना तथा अयोध्या राम मंदिर पैदल पदयात्रा करना, दक्षिण भारत की सबरीमाला सहित अनेकों यात्राएं करना व करवाना। तथा अभी-अभी 3 सितंबर से दिल्ली से प्रारंभ होकर 20 सितंबर तक पूरी होने वाली नॉर्थ ईस्ट तीर्थ यात्रा का सफलतापूर्वक आयोजन करना प्रमुख रूप से विकसित किया है।
नॉर्थ ईस्ट में सनातन तीर्थ विकसित करने का यह पुण्य कार्य वास्तव में ही अपने आप में एक नवीन उपक्रम के साथ-साथ सनातन श्रद्धा एवं आस्थाओं के केंद्र को लेकर देशवासियों में जागरूकता बढ़ाने का एक बड़ा व अनोखा प्रयास है।
दिव्या संस्कृति द्वारा संचालित नॉर्थ ईस्ट लवर टीम इस उपक्रम को आगे भी विकसित करके सरल सुगम बनाने का कार्य करने के
लिए प्रतिबद्ध है।
